के.सी. पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों ने मनाई बैसाखी तथा अंबेडकर जयंति-विद्यार्थियों ने सोलो डांस किया, बैसाखी व डा. अंबेडकर के जीवन पर डाला प्रकाश – ऐसे कार्यक्रमों से स्टूडैंट अपने त्यौहार व महान व्यक्तियों के जीवन सबंधी जागरुक रहते हैं-सीईओ अश्वनी दत्ता

नवांशहर, 13 अप्रैलकरियाम रोड पर स्थित के.सी. पब्लिक स्कूल में सीईओ (ग्रुप कैप्टन) अश्वनी दत्ता की देखरेख में बैसाखी पर्व व डा. बीआर अंबेडकर साहिब जी की जयंति मनाई गई। इसमें प्लस टू तक के विद्यार्थियों ने इंटर हाऊस अनुसार अपनी प्रतिमा मंच पर दिखाई। नर्सरी से लेकर दूसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों ने मंच पर भंगड़ा, गिद्घा डाला, हाथों में गेंहू के छिट्टे लिए। बच्चों ने बैसाखी, आई बैसाखी, मुक्क गई कणका दी राखी, ओ जट्टा आई बैसाखी.., जुत्ती लै दे घुंघरुआं वाली, ,जुत्ती कसूरी आवे न पूरी, मेरी तां निक्की जेही मंग सोहनेया.., उडदा उडदा मोर मेरी चीची उत्ते बैह गया.., इत्यादि गीतों पर डांस किया। प्रोग्राम कोआर्डीनेटर मीनू कंडा ने बताया कि मंच पर बैसाखी व डा. अंबेडकर साहिब के जीवन सबंधी स्पीच मुकाबला हुआ, जिसमें एमराल्ड हाउस के शाम सिंह ने पहला, टोपाज हाउस की एना ने दूसरा, रुबी हाऊस के मनप्रीत व सैफायर हाऊस की डिंपल ने संयुक्त रुप से तीसरा स्थान हासिल किया। सीईओ अश्वनी दत्ता ने ने बताया कि बैसाखी पंजाब के लोगो के लिए फसल कटाई का त्यौहार है। इस दिन 13 अप्रैल 1699 को सिक्खों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। वहीं 13 अप्रैल 1919 को श्री अमृतसर साहिब के जलियावाला बाग में रौलेट एक्ट के विरोध में सभा हो रही थी। जिसमें जनरल डायर नामक अफसर ने भीड पर गोलिया चलवा दी। इसमें 484 के करीब लोग शहीद हो गए थे। इस घटना पर भी कई देश भक्तों पर काफी प्रभाव पड़ा। इस दिन सभी बैसाखी का आनंद मनाने के लिए धार्मिक स्थानों पर जाकर स्नान करते हैं तथा माथा टेकते हैं। वहीं 14 अप्रैल को संविधान की निर्माता डा. अंबेडकर साहिब की जयंती पर बताया कि डा. अंबेडकर साहिब ने दलित समाज के उत्थान के लिए जो कार्य किए, उसी के नतीजे के तौर पर आज दलित समाज पढ लिख कर उच्च पदों पर विराजमान हो रहा है। ऐसे कार्यक्रमों द्वारा बच्चे अपने त्यौहारों प्रति जागरुक रहते हैं। अंत में सभी विजेताओं को सम्मानित किया गया। मौके पर प्रिंसीपल रंजना खन्ना, गुरप्रीत सिंह, मोनिका रानी, नीरज, किरण सोबती के साथ सारा स्कूल स्टाफ मौजूद रहा।

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