नवांशहर में महासाध्वी श्री कैलाश्वती जी महाराज का दीक्षा दिवस बड़ी ही श्रद्धा एवं उत्साह से मनाया गया

नवांशहर:: 10 मई (हरिंदर सिंह)जानकारी देते हुए एस एस जैन सभा नवांशहर के प्रधान मुनीश जैन एवं महामंत्री रतन कुमार जैन ने बताया कि जैन स्थानक के प्रांगण में शासन प्रभाविका उप प्रवर्तिनी पूज्या गुरुनी महासाध्वी श्री कैलाश्वती जी महाराज की सुशिष्या कर्मठ साध्वी रत्ना,दृढ़ संयमी सेवाभावी महासाध्वी श्री प्रतीक प्रभा जी महाराज आदि ठाणे 5 के पावन सानिध्य में महासाध्वी श्री कैलाशवती जी म. का दीक्षा दिवस बड़ी श्रद्धा भक्ति से मनाया गया! इसमें 9 मई को नवकार महामंत्र का अखंड जाप हुआ और रविवार को सामायिक दिवस के रूप में गुरु गुणगान किया! 5 लक्की विजेताओं को सम्मानित करने एवं सभी के लिए प्रसाद की प्रभावना का लाभ एस एस जैन सभा के सलाहकार श्री अचल जैन, श्रीमती अलका जैन सुपुत्र श्रीमती सत्यभामा जैन एवं श्री प्रेमचंद जैन जी ने लिया! डॉ. साध्वी यशिका ओर डॉ. साध्वी समर्पणा जी महाराज ने गुरु की महिमा का बखान किया और बताया कि उनका जन्म हरियाणा के हिसार जिले के तोशाम कस्बे में 5 जून 1930 को पिता माडूमल , माता भूलादेवी जी के घर हुआ! उनका बचपन बहुत ही अद्भुत था! जैसे जब वो पालने में सो रहे थे तब नागराज के द्वारा उनपर छाया का करना, 5 वर्ष में खेल खेल में मुंह से तीव्र रोशनी का निकलना आदि ।गुरुनी जी को 12 वर्ष की आयु में वैराग्य आया और 15 वर्ष की आयु में, 9 मई 1945 में भिवानी में जैन भगवती दीक्षा को ग्रहण कर अपना संपूर्ण जीवन गुरुनी धन शीतल के एवं जिनशासन को समर्पित किया । अंतिम समय तक भी अपने संयम जीवन पर कोई भी दोष नहीं लगने दिया और त्याग, जप, तप साधना में पूरा जीवन लगाया। साथ ही अनेकों लोगों को सन्मार्ग में लगाया, श्रावक श्राविका के नियम दिलाए ,और नशा मुक्त जीवन बिताने के लिए प्रेरित किया ।अपने अंतिम समय में संथारा सहित 27 फरवरी 2005 को पानीपत में अपना आध्यात्मिक जीवन पूर्ण किया एवं अपने संयम जीवन की एक मिशाल दी।प्रवचन के अंत में एस एस जैन सभा के प्रधान मुनीश जैन एवं महामंत्री रतन कुमार जैन ने महासाध्वी श्री कैलाश्वती महाराज जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उनके एवं उनकी शिष्याओं द्वारा नवांशहर समाज को दिए आशीर्वाद के लिए हम सभी आभार प्रकट करते है! जैन सभा के कोषाध्यक्ष राकेश जैन बब्बी ने बताया कि साध्वी श्री निर्जरा जी महाराज एवं नवदीक्षित साध्वी श्री अरिहंता जी महाराज ने भजन के माध्यम से अपने भाव प्रकट किये! महासाध्वी श्री प्रतीक प्रभा जी महाराज ने मंगल पाठ सुनाकर सबको आशीर्वाद दिया!

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